ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

हरि प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर भगवान श्री विष्णु और तुलसी का विवाह

 


हरि प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर भगवान श्री विष्णु और तुलसी का विवाह

भगवान विष्णु ने तुलसी से विवाह क्यों किया 

          देवताओं के आग्रह पर भगवान विष्णु ने जालंधर का वध किया और इसके बाद वृंदा ने विष्णु को श्राप दिया कि वे पत्थर (शालिग्राम) में परिवर्तित हो जाएंगे। बाद में भगवान विष्णु ने वृंदा को तुलसी का रूप दे दिया और कहा कि उनका विवाह शालिग्राम के रूप में उनसे ही होगा। तब से तुलसी विवाह की परंपरा का आरंभ हुआ।

कब है तुलसी विवाह, 

         इस बार बन रहे हैं दो खास संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और महत्व तुलसी विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख आता है और परिवार में सुख शांति बनी रहती है. जिस घर में शादी योग्य लोग होते हैं, वहां तुलसी विवाह करवाना काफी महत्वपूर्ण होता है.

तुलसी विवाह

          सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को वृंदा के नाम से पूजा जाता है. हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन तुलसी विवाह  करवाया जाता है. इस दिन तुलसी के पौधे को दुल्हन की तरह सजा कर उसकी पूजा की जाती है और भगवान विष्णु  के स्वरूप शालिग्राम से उसका विवाह करवाया जाता है. कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी में प्रदोष काल यानी सायंकाल में तुलसी विवाह करवाया जाता है. मान्यता है कि तुलसी विवाह करने से परिवार में सुख शांति आती है और दांपत्य जीवन सुखमय होता है. खासतौर पर उन लोगों के लिए ये बहुत शुभ है जिनका विवाह किन्हीं कारणों से लंबे समय से नहीं हो पा रहा है. चलिए जानते हैं कि इस साल तुलसी विवाह कब है और इसके दौरान कौन कौन से योग लग रहे हैं.

इस साल यानी 2024 में तुलसी विवाह 

          12 नवंबर को देव उठनी एकादशी के दिन करवाया जाएगा.द्वादशी तिथि 12 नवंबर को सायंकाल में 4 बजकर 4 मिनट पर आरंभ हो रही है और इसका समापन अगले दिन यानी 13 नवंबर को 1 बजकर 1 मिनट पर हो रहा है. चूंकि तुलसी विवाह प्रदोष काल में करवाया जाता है और प्रदोष काल 12 नवंबर को पड़ रहा है, इसलिए तुलसी विवाह 12 नवंबर को ही कराया जाएगा. इसी दिन सुबह के समय एकादशी भी रहेगी.12 नवंबर को शाम 5 बजकर 29 मिनट से रात को 7 बजकर 53 मिनट तक प्रदोष काल है और इस दौरान तुलसी विवाह करवाया जा सकता है।

Delhi 34 news report by chandra mohan Shukla/ Anand Prakash Tiwari

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