पेंशनधारकों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का खुलासा,
31 लाख रुपये की ठगी में दो अभियुक्त गिरफ्तार
सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र द्वारा मु0अ0सं0-06/2025, धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस एवं 66-D आईटी एक्ट से संबंधित प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 31 लाख रुपये की साइबर ठगी का अनावरण किया गया है। प्रकरण में अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह के 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार
दिनांक 17.06.2025 को अभियुक्तों द्वारा पीड़ित को कॉल कर स्वयं को पेंशन संबंधी अधिकारी बताया गया। पीड़ित को उसके PPO नम्बर में करेक्शन तथा मोबाइल नम्बर बंद होने का भय दिखाकर बैंक संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी प्राप्त की गयी।
इसके बाद अभियुक्तों द्वारा APK फाइल/लिंक के माध्यम से स्क्रीन शेयरिंग कराकर OTP प्राप्त किया गया तथा पीड़ित के खाते से लगभग 31 लाख रुपये विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर लिये गये। इसके अतिरिक्त फोनपे के माध्यम से 01 लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये की एफडी भी करायी गयी।
पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि गिरोह के सदस्य रेलवे के पेंशनधारकों/सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों का डेटा प्राप्त कर उन्हें निशाना बनाते थे। गिरोह द्वारा रेलवे के Pension Payment Order (PPO) से संबंधित जानकारी रेलवे डिवीजन के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से प्राप्त किए जाने की भूमिका की जाँच की जा रही है।
अभियुक्तगण UMEED Portal के RASS Tab पर रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का डेटा प्राप्त करने के लिए उनके जन्मतिथि (Date of Birth) का अनुमान लगाकर पोर्टल पर विवरण डालते थे। डेटा खुलने के बाद उसकी कॉपी/जानकारी पेंशनर को भेजकर उसे विश्वास में लिया जाता था तथा स्वयं को रेलवे का अधिकारी बताकर पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के नाम पर ठगी की जाती थी।
डेटा उपलब्ध कराने वालों के भूमिका की होगी जाँच
पूछताछ में पवन मंडल एवं मुकेश मंडल, निवासी झारखण्ड का नाम डेटा उपलब्ध कराने वालों के रूप में सामने आया है। इनके द्वारा रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों/अधिकारियों का डेटा कहाँ से तथा रेलवे के किन कर्मचारियों की मदद से प्राप्त किया जाता था, इसकी भूमिका की गहन जाँच की जा रही है।
गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में कार्य करते थे, जिसमें डेटा उपलब्ध कराना, पेंशनधारकों को कॉल करना, बैंक खाते उपलब्ध कराना तथा ठगी की धनराशि एटीएम के माध्यम से निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाना शामिल था।
पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा धनबाद, समस्तीपुर, हापुड़, सम्भल एवं मुंगेर सहित विभिन्न स्थानों पर कई व्यक्तियों से लाखों रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी दी गयी है। अभियुक्त रूपक कुमार द्वारा ठगी की धनराशि एटीएम से निकालने तथा उसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाने में सहयोग किए जाने की जानकारी दी गयी है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए गये। बैंक खातों, मोबाइल नम्बरों, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अभियुक्तों की पहचान 1. मनीष कुमार शाह पुत्र उपेन्द्र शाह, निवासी मिर्जा चौकी, थाना साहेबगंज, जनपद साहेबगंज, झारखण्ड, उम्र लगभग 30 वर्ष व 2. रूपक कुमार पुत्र अरूण कुमार, निवासी गोपडीह बांका, थाना चन्दना, झारखण्ड, उम्र लगभग 54 वर्ष के रूप में सुनिश्चित की गयी तथा पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को कोलकत्ता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 10 अदद मोबाइल फोन,01 अदद वाई-फाई राउटर, ₹53,000/- नगद व
04 अदद सिम कार्ड बरामद करते हुए अभियुक्तों को कानून की हवाले किया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम का विवरण 1. प्र0नि0 धीरेन्द्र कुमार चौधरी, साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र, 2. उ0नि0 आशीष कुमार पटेल, साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र, 3. हे0का0 शिवनन्दन सिंह, साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र, 4. हे0का0 संजय कुमार वर्मा, साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र, 5. का0 अभिषेक तिवारी, साइबर सेल सोनभद्र व 6. का0 सुनील रावत, साइबर सेल सोनभद्र शामिल थे।
Delhi 34 news report journalist by Chandra Mohan Shukla
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