ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

भक्तों की रक्षा के लिए प्रभु अपने वचन तोड़ देते हैं: मनीष शरण

 


भक्तों की रक्षा के लिए प्रभु अपने वचन तोड़ देते हैं: मनीष शरण


- गायत्री भवन तेजनगर, उरमौरा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सुनने को जुटे श्रद्धालु

सोनभद्र। गायत्री भवन तेजनगर, उरमौरा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास मनीष शरण जी महाराज ने कथा करते हुए कहा कि अपने भक्तों की रक्षा के लिए प्रभु अपने भी वचन तोड़ देते हैं। 

ब्रज वासियों ने भगवान के कहने पर गोवर्धन जी की पूजा किया, परिक्रमा किया और जब इंद्र को पता चला तो साम्वर्त्तक आदि बादलों को ब्रज मण्डल को ही नष्ट करने को भेजा। भयंकर तूफ़ान और बरसात को देख ब्रजवासी भगवान के पास गए तब अपने भक्तों की रक्षा के लिए सात वर्ष के कन्हैया ने सात कोष के गोवर्धन को सात दिन, सात रात्रि तक अपने सबसे छोटी उंगली पर उठाया और संसार को अपने भगवान होने का प्रमाण दिया। प्रभु समय समय पर देते है अपनी भगवत सत्ता का प्रमाण।

 इस अवसर पर मुख्य यजमान पवन कुमार मिश्र, आचार्य विनय कुमार शुक्ल, महेश शुक्ल, अरुण तिवारी, महेंद्र प्रसाद शुक्ला, चन्द्र किशोर पांडेय, सुरेश सिंह, विनोद शुक्ला, संजीव शुक्ला, ओम कुमार चतुर्वेदी, आनंद ओझा समेत भक्तगण, श्रोतागण, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।

Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak senior advocate

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