समर्पण दिवस के रूप में मना पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करें: डॉक्टर धर्मवीर तिवारी
- रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में हुआ आयोजन
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर तिवारी ने पंडित जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए कहा कि पंडित जी के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है।
डॉक्टर तिवारी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि (11 फरवरी) को भारतीय जनता पार्टी और अन्य संगठनों द्वारा समर्पण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्र सेवा के लिए उनके समर्पण को याद करने और उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है।
आज आत्मनिर्भर भारत अभियान गांवों के गरीबों, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के भविष्य के निर्माण का माध्यम बन रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर जोर देना दीन दयाल उपाध्याय के दृष्टिकोण की व्यावहारिकता और व्यापकता का प्रमाण है। यहीं वजह है कि प्रधानमंत्री जी ने खुद कहा, “‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र के साथ देश उनके दृष्टिकोण को साकार कर रहा है।” कोविड-19 महामारी के बीच भारत ने आत्मनिर्भरता का परिचय देते हुए विश्व को टीके मुहैया कराए। आत्मनिर्भरता की शक्ति से देश ने 'समग्र मानवतावाद' के दर्शन को भी सिद्ध किया है।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी पंडित जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी लोगों ने पंडित जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सभासद विनोद सोनी, अखिलेश कश्यप, राहुल, सत्यम, संजय,रवि, राजू, रोहित, विशाल आदि मौजूद रहे।
Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak senior advocate
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