हत्या के दोषी हीरालाल अगरिया को सश्रम आजीवन कारावास
- 10 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
- जेल में बितायी अवधि सजा में की जाएगी समाहित
- साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुए चमेली हत्याकांड का मामला
सोनभद्र। साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुए चमेली हत्याकांड के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी हीरालाल अगरिया को सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुन्ना पुत्र हीरालाल निवासी डूडीदह बसुधा कोटा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र ने चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 जून 2022 को सुबह 8 बजे उसकी मौसी चमेली (48) वर्ष जंगल में बकरी चराने गई थी। जहां गांव का हीरालाल अगरिया पुत्र रामबली अगरिया भी पहुंच गया और मौसी से भूत प्रेत को लेकर विवाद हो गया और हीरालाल अगरिया ने कुल्हाड़ी के डंडे से उसकी मौसी चमेली को मारकर गंभीर चोट पहुंचाई, जिसे लेकर अस्पताल जा रहा था तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जहां अभियुक्त के अधिवक्ता ने पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड दिए जाने की याचना की, वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने हत्या का मामला बताते हुए अधिक से अधिक दंड देने की याचना की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषी हीरालाल अगरिया को सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak senior advocate
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