ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश


 पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश


- करीब 5 माह पूर्व आदिवासी महिला को भगाकर अपने पास रखने का है आरोप

- विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र की कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक मांची को सीओ से विवेचना कराने व परिणाम से अवगत कराने का दिया आदेश

सोनभद्र। करीब 5 माह पूर्व पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव द्वारा आदिवासी महिला को भगाकर अपने पास रखने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने प्रभारी निरीक्षक मांची को एफआईआर दर्ज करने व सीओ से मामले की विवेचना कराने के साथ ही परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश मांची थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 48 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस प्रार्थना पत्र पर दिया गया है।

दिए प्रार्थना पत्र में आदिवासी व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि 4 नवंबर 2025 को उसकी 45 वर्षीय पत्नी अचानक गायब हो गई। जिसे हर संभावित जगह तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।इसीबीच 20 नवंबर 2025 को मांची थाना क्षेत्र के पल्हारी गांव निवासी संतोष यादव पुत्र रामदुलारे जो पनौरा में शिक्षामित्र है की पत्नी व गांव घर के लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी को शिक्षामित्र संतोष यादव भगाकर ले गया है। इसकी जानकारी होने पर 21 नवंबर 2025 को शिक्षामित्र संतोष यादव से पनौरा विद्यालय पर जाकर मिला।जब अपनी पत्नी के बारे में पूछताछ करने लगा तो उसका हाथ पकड़ कर विद्यालय के बाहर ले आया और जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए पटक दिया, जिससे उसे चोट लग गई। उसने यह धमकी दिया कि अगर ज्यादा चिल्लाओगे तो तुम्हें जान से मरवाकर फेंकवा दूंगा तथा तुम्हारी पत्नी को राजस्थान वालों को बेच दूंगा। राहगीरों ने घटना को देखा और बीच बचाव किया। घटना की सूचना पनौरा चौकी पर उसी दिन दिया, लेकिन पुलिस ने मांची थाने पर जाने को कहा। मांची थाने के दीवान ने कहा कि कोर्ट से आदेश कराओ तब शिक्षामित्र संतोष यादव को पकड़ेंगे। 24 नवंबर 2025 को घटना की सूचना एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से भेजा, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के तर्कों को सुनने एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर गम्भीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस द्वारा विवेचना कराया जाना आवश्यक मानते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही प्रभारी निरीक्षक मांची को पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सीओ से विवेचना कराने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak

Post a Comment

0 Comments