सोनभद्र में 26 हजार से अधिक बेटियों का संवरा भविष्य
'कन्या सुमंगला योजना' से मिल रही 25 हजार की आर्थिक उड़ान
डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि
बाल विवाह पर लगी रोक और लिंगानुपात में आया सुधार
जन्म से लेकर स्नातक तक छह चरणों में मिल रही मदद
सोनभद्र। जिले में बालिकाओं के सशक्तिकरण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लगातार सफलता के नए आयाम गढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जनपद सोनभद्र में अब तक 26 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 25,000 रुपये की कुल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली यह योजना बाल विवाह रोकने और लिंगानुपात में सुधार लाने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डीबीटी के माध्यम से लाभ की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में अभी तक कुल 26,341 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। चालू वित्त वर्ष में भी योजना के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा है। अभी 1117 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जिलाधिकारी बताया कि प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक संबल प्रदान कर उनके भविष्य को संवारने का काम कर रही है। योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाना, बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का सहयोग करना है।
छह चरणों में ऐसे मिलता है लाभ
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक या डिप्लोमा में प्रवेश तक आयु-आधारित छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की सहायता दी जाती है। प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म पर (एक वर्ष के भीतर) 5,000 रुपये मिलते हैं। इसके बाद द्वितीय श्रेणी में एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तहत क्रमशः कक्षा एक और कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000-3,000 रुपये की राशि दी जाती है। पंचम श्रेणी में कक्षा नौ में दाखिले पर 5,000 रुपये मिलते हैं। अंतिम और षष्टम् श्रेणी में 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा दो वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर बालिका को 7,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत सबसे ज्यादा लाभ बालिका के जन्म एवं टीकाकरण के स्तर पर दिया गया है।
लाभ लेने के लिए यह है पात्रता
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए शासन द्वारा कुछ स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 3,00,000 (तीन लाख) रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, परिवार में अधिकतम दो ही बच्चे होने चाहिए। योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को ही दिया जा सकता है। हालांकि, विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान भी किया गया है कि यदि किसी परिवार में पहले प्रसव में एक बेटी है, और दूसरे प्रसव में जुड़वां बेटियां हो जाती हैं, तो ऐसी स्थिति में तीनों बेटियों को योजना का पूरा लाभ मिलेगा।
Delhi 34 news report by journalist by chandra mohan Shukla
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