ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

संस्कृत को घर-घर की भाषा बनाने में ‘गृहे-गृहे संस्कृतम्’ योजना का विशेष योगदान


 संस्कृत को घर-घर की भाषा बनाने में ‘गृहे-गृहे संस्कृतम्’ योजना का विशेष योगदान


पोसिडान कान्वेंट स्कूल केकराही में अगस्त मासीय संस्कृत शिक्षण कक्षाओं का उद्घाटन

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश शासन के स्वायत्तशासी उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् द्वारा संचालित ‘गृहे-गृहे संस्कृतम्’ योजना के अंतर्गत अगस्त मासीय संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षाओं का उद्घाटन गुरुवार को पोसिडान कान्वेंट स्कूल, केकराही में हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के करीब 42 जनपदों से जुड़े लगभग 54 शिक्षण केंद्रों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष चौहान एवं निदेशक प्रेमेन्द्र कुमार गुप्त के निर्देशन में आयोजित किया गया। योजना प्रभारी भगवान सिंह चौहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य सभी के सहयोग से संस्कृत भाषा को घर-घर की भाषा बनाना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रशिक्षकों का विशेष योगदान है, जो पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

योजना समन्वयक डा. अनिल गौतम ने सभी प्रशिक्षकों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। ‘गृहे-गृहे संस्कृतम्’ योजना संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योजना से जुड़े प्रशिक्षक संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षण को केवल व्याकरण तक सीमित न रखकर संवाद, कहानी, गीत, अभिनय, खेल तथा तकनीकी माध्यमों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी सहज और रुचिकर तरीके से भाषा सीख सकें।

कार्यक्रम का संचालन योजना के प्रशिक्षक गरुड़ मिश्र ने किया। प्रशिक्षिका निलाक्षी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि प्रशिक्षक मुकेश पाठक ने शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन कराया।

पोसिडान कान्वेंट स्कूल केकराही के प्रधानाध्यापक चन्दमा प्रसाद ने कहा कि विद्यालय में आयोजित इस शिविर के माध्यम से संस्थान द्वारा प्रेषित शिक्षक एवं शिक्षिका विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

इस अवसर पर टीम की ओर से पोसिडान स्कूल के प्रबंधक श्री निवास पाठक, अध्यापिका नीलम, अम्बुज पाण्डेय, राकेश त्रिपाठी सहित अन्य लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

Delhi 34 news report journalist by Chandra Mohan Shukla

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