ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

आगामी त्यौहार बारावफात के मद्देनजर आहूत की गई पीस कमेटी की बैठक

 


आगामी त्यौहार बारावफात के मद्देनजर आहूत की गई पीस कमेटी की बैठक 



बीजपुर(सोनभद्र)। थाना परिसर में थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मुस्लिम समुदाय के साथ बारावफात(ईद-ए-मिलाद-उन-नबी) पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म और उनकी वफात (निधन) की याद में मनाया जाने वाला प्रमुख मुस्लिम त्योहार है, जो इस्लामिक कैलेंडर के रबी-उल-अव्वल महीने की 12वीं तारीख को होता है।बारावफात में क्या-क्या होता है ।

जुलूस और रैलियां: 

इस दिन कई जगहों पर मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस (जुलूस-ए-मोहम्मदी) निकालते हैं, जिसमें हाथों में हरे झंडे और बैनर लेकर पैगंबर की शान में नारे लगाए जाते हैं।सजावट और रोशनी: मस्जिदों, दरगाहों और गलियों को रंग-बिरंगे झंडों, झालरों और आकर्षक रोशनी से खूबसूरती से सजाया जाता है।धार्मिक सभाएं (जलसा): मस्जिदों और घरों में विशेष सभाएं होती हैं, जहाँ पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन, उनके उपदेशों और उनकी अच्छाइयों पर चर्चा की जाती है।नात और दरूद शरीफ: लोग पैगंबर की तारीफ में धार्मिक कविताएं यानी 'नात' (Na'at) गाते हैं और उनकी इबादत व सलाम पेश करते हैं।दान और दावत: गरीबों, जरूरतमंदों और मेहमानों को खाना खिलाया जाता है और दान-पुण्य (लंगर/नियाज़) किया जाता है। इन सब कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार के देश विरोधी नारे या जुलूस के दौरान किसी प्रकार का हथियार प्रर्दशन पर पुण्य रुप से प्रतिबंध है। शासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन करते हुए त्योहार को सौहार्द पुण्य वातावरण में भाईचारे के साथ मनाएं। इस मौके पर खलील, कलाम, नाइस मास्टर, रियाजु दिन अंसारी , अप्सरा मास्टर सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

Delhi 34 news report journalist by Chandra Mohan Shukla

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