करमा महोत्सव में गूंजा जनजातीय संस्कृति और परंपरा का संदेश
करमा महोत्सव जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक : समाज कल्याण राज्य मंत्री
नशे से दूर रहें और बच्चों को शिक्षा से जोड़ें : जिलाधिकारी
सोनभद्र। करमा महोत्सव के अवसर पर आज ओबरा के पनारी ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर वन्यजीव विहार आरुषि मिश्रा एवं ब्लॉक प्रमुख चोपन लीला सिंह गौड़ ने करमा देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर जनजातीय परंपरा एवं संस्कृति को नमन किया।
पूजा-अर्चना के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में करमा गीत, सैलानी, डोमचकित सहित जनजातीय समाज के कलाकारों द्वारा विभिन्न लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जनजातीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं की समृद्ध छटा बिखेरी।
इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ एवं जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मांदर पर थाप लगाकर जनजातीय कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी एवं ब्लॉक प्रमुख ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। जनजातीय समाज के लोगों द्वारा अतिथियों को पारंपरिक पलास के पत्ते की बनी टोपी पहनाकर उनका सम्मान किया गया।
करमा महोत्सव जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक : समाज कल्याण राज्य मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि करमा महोत्सव जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, आस्था और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह महोत्सव लंबे समय से जनजातीय समाज की आस्था एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। इस अवसर पर जनजातीय समाज की महिलाएं नौ दिनों तक व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।
उन्होंने कहा कि करमा महोत्सव के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत मनमोहक रहे। प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्ति तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।
Delhi 34 News report journalist by Chandra Mohan Shukla
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