मित्रता हो तो कृष्णा और सुदामा जैसी -स्वामी हरिदास जी महराज
रामगढ़ (सोनभद्र)
रामगढ़ के ग्राम अमिलियां में चल रहे श्रीमदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन यज्ञ में प्रातः से ही सुदूर गाँवो से आये भक्तों के द्वारा यज्ञ परिक्रमा किया गया।कथा के दौरान ऋषिकेश से पधारे संत स्वामी हरिदास जी महाराज नें कृष्णऔर सुदामा की मित्रता का बिस्तृत वर्णन कर बताया कि श्रीकृष्ण नें गरीब सुदामा से मित्रता की क्योंकि सुदामा के जीवन में भगवत प्रेम था। सुदामा के जीवन में सच्चाई और सरलता थी। सुदामा के चरित्र से मानव को यह सन्देश मिलता है कि अगर हमारे जीवन में भी प्रेम, सत्य और सरलता है तो भगवान मिल जाते हैं।इसी दौरान स्वामी जी द्वारा परीक्षित मोक्ष की भी कथा सुनाकर कथा को विश्राम दिया।यज्ञमण्डप भक्तों जयकारे से गुंजायमान रहा। यज्ञ के यजमान अवधेश नारायण शुक्ल नें अपने सम्बोधन में यज्ञ को पूर्णता देने वाले आचार्यगण, समर्पित भाव से कथा सुनने वाले भक्तगण,समर्पित भाव से लगे कार्यकर्त्तागण, सनातन धर्म को समाचार पत्र के माध्यम से प्रसार करने वाले पत्रकार बंधु के प्रति आभार ब्यक्त कर सोमवार को यज्ञ के भंडारे में प्रसाद करने का आग्रह किया।
इस दौरान मुरलीधरशुक्ल,अशोक शुक्ल, विनोद कुमार शुक्ल,कामलाकांत पाण्डेय, विनोद पाठक, शारदा देव, रामप्रसाद कुशवाहा, रासबिहारी पाठक, संदीप तिवारी,सुधेन्दूभूषण शुक्ल,रमाकांत देव पाण्डेय, आदि की उपस्थिति रही।
Delhi 34 news report by Chandra Mohan Shukla
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