अपहरण के दोषी मनोज प्रजापति को 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
- 7 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
- जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी
- अर्थदंड की धनराशि में से 5 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
- करीब साढ़े 7 वर्ष पूर्व 14 वर्ष 4 मह की नाबालिग किशोरी के अपहरण का मामला
सोनभद्र। करीब साढ़े 7 वर्ष पूर्व 14 वर्ष 4 माह की नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर अपहरण के दोषी मनोज प्रजापति को 4 बर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 7 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 5 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोन थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने कोन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 4 अक्तूबर 2018 को सुबह 9 बजे जब वह स्कूल पढ़ने जा रही थी तभी उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर मनोज प्रजापति पुत्र रामविलास निवासी खेमपुर टोला धौरहरा, थाना कोन, जिला सोनभद्र अपने घर के बक्से में बंद करके रखा था। जब घर के लोग मनोज प्रजापति के घर गए तो लड़की बक्से के अंदर से बेहोशी हाल में मिली। इस तहरीर पर कोन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर अपहरण के दोषी मनोज प्रजापति (32) वर्ष को 4 वर्ष का कठोर कारावास एवं 7 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 5 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak senior advocate
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