हत्या के चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास
- 14-14 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
- जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी
- साढ़े छह वर्ष पूर्व हुए हरिकिशुन खरवार हत्याकांड का मामला
सोनभद्र। साढ़े छह वर्ष पूर्व हुए हरिकिशुन खरवार हत्याकांड के मामले में शनिवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास व 14-14 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राम सागर खरवार पुत्र स्वर्गीय हरिकिशुन खरवार निवासी पड़री बराईडाड़ , थाना म्योरपुर, जिला सोनभद्र ने म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 14 जुलाई 2019 को सुबह 9:30 बजे वह अपने खेत पर काम कर रहा था। उसके पिता जी भी खेत जोत रहे थे। तभी गांव के शिव कुमार खरवार, अवधेश खरवार व महेंद्र खरवार पुत्रगण छोटेलाल खरवार तथा दशमतिया पत्नी अवधेश खरवार उसके पिताजी के पास जाकर गाली देने लगे और खेत जोतने से मना करने लगे। जब पिताजी ने इसपर विरोध जताया तो सभी मिलकर पिताजी की जान मारने की नियति से लाठी- डंडे व कुल्हाड़ी से पिटाई कर दिए,शोरगुल की आवाज सुनकर जब वह और उसका भाई तथा घर की महिलाएं बचाने के लिए गई तो उन्हें भी मारपीट कर चोट पहुंचाई गई। घायलावस्था में पिताजी को लेकर म्योरपुर अस्पताल गए तो डॉक्टरों ने पिताजी को मृत घोषित कर दिया। आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जहां अभियुक्तगणों के अधिवक्ता ने पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड दिए जाने की याचना की, वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने हत्या का मामला बताते हुए अधिक से अधिक दंड देने की याचना की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर चारों दोषियों शिवकुमार खरवार, अवधेश खरवार, महेंद्र खरवार व दशमतिया को सश्रम आजीवन कारावास व 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
Delhi 34 news report by Rajesh Kumar Pathak senior advocate
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