ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

विकास के नाम पर अंधाधुंध जंगल की कटाई से आदिवासी समुदायों पर मंडरा रहे संकट के बादल

 


विकास के नाम पर अंधाधुंध जंगल की कटाई से आदिवासी समुदायों पर मंडरा रहे संकट के बादल


सोनभद्र। पानी पेड़ बचाओ अभियान के तहत तहसील परिसर सोनभद्र में विकास के नाम पर पर्यावरण का दोहन करने के विरोध में एक बैठक संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता अभियान के सह संयोजक राजेश कुमार यादव एडवोकेट ने किया ! 

 अभियान के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार सिंह का कहना है कि जिले में पहले से स्थापित औद्योगिक इकाइयों एवं नई विकास परियोजनाओं के लिए हजारों पेड़ों की कटाई की जा चुकी है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। औद्योगिक प्रदूषण के कारण आम नागरिकों का जीवन भी लगातार कठिन होता जा रहा है।

अभियान के क्षेत्रीय संयोजक टीटू प्रसाद गुप्ता ने कहा कि जंगलों का विनाश केवल पर्यावरण का नुकसान नहीं है, बल्कि यह सदियों से जल, जंगल और जमीन पर निर्भर आदिवासी समुदायों के अस्तित्व पर भी सीधा हमला है। सोनभद्र के गोंड, बैगा, खरवार सहित अन्य आदिवासी समुदाय अपनी आजीविका, संस्कृति और जीवन-यापन के लिए जंगलों पर निर्भर हैं। लगातार हो रही वन कटाई के कारण वे अपने पारंपरिक संसाधनों से वंचित हो रहे हैं तथा अनेक गांवों में पलायन जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।                    

 इस अवसर पर रमेश चंद्र सिंह सुरेश सिंह कुशवाहा, रियाज़ खान,शाहनवाज आलम खान, आदर्श देव पांडेय,जितेंद्र कुमार,राजकुमार पटेल, अनूप कुमार शुक्ला, सुरेश सिंह पटेल, विजय बहादुर सिंह, कामता प्रसाद यादव आदि लोग उपस्थित रहे!

Delhi 34 news report journalist by pawan kumar singh senior advocate

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