ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

रोजगार मेले में चेयरमैन ने वितरित किए ऑफर लेटर, की गई खानापूर्ति

 


रोजगार मेले में चेयरमैन ने वितरित किए ऑफर लेटर, की गई खानापूर्ति



दुद्धी/सोनभद्र। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजकीय आईटीआई दुद्धी में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। प्रशासन की ओर से इसे रोजगार उपलब्ध कराने की बड़ी पहल बताया गया, लेकिन मौके पर पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने मेले को महज औपचारिकता बताते हुए अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया। प्रधानाचार्य  के अनुसार रोजगार मेले में हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेनुकूट, एमआरएफ, सुब्रोस लिमिटेड, कैशपर माइक्रोक्रेडिट, लक्ष्मी मिल्स, ए.के. इंटरप्राइजेज समेत कुल 9 कंपनियों ने प्रतिभाग किया। मेले में 687 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 244 अभ्यर्थियों का प्रथम दृष्टया चयन किया गया।कार्यक्रम के दौरान डीडीयू-जीकेवाई के लगभग एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित युवाओं को राजस्थान की एक कंपनी के लिए चयनित होने पर मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन तथा विशिष्ट अतिथि जिला मंत्री मनोज सिंह ने ऑफर लेटर प्रदान किए। इस अवसर पर कौशल विकास मिशन के जिला प्रबंधक मनीष कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता, डीडीयू-जीकेवाई की आकांक्षा, राजकीय आईटीआई नकटू-बीजपुर के प्रधानाचार्य गोपाल दास, विनोद यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


इनसेट 

युवाओं का आरोप - रोजगार मेले में की गई खानापूर्ति


 दुद्धी:दूसरी ओर रोजगार मेले में पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। प्रदीप कुमार, प्रत्यूष कुमार, सोनाक्षी मिश्रा, प्रियंका कुमारी, सुमन और चांदनी सहित दर्जनों युवक-युवतियों ने बताया कि वे सुबह से ही रोजगार मेले में पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश कंपनियों के प्रतिनिधि नहीं आए।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर केवल मोबाइल से बारकोड स्कैन कराया गया और उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि अपने दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड कर दें, जिसके बाद कंपनी की ओर से कॉल आने पर आगे की प्रक्रिया होगी। कई तकनीकी छात्रों ने कहा कि उन्हें न तो कंपनियों से सीधे बातचीत का अवसर मिला और न ही मौके पर कोई साक्षात्कार आयोजित किया गया।

युवाओं का कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी होनी थी तो रोजगार मेला आयोजित कर उन्हें दूर-दराज से बुलाने का औचित्य क्या था। उनका आरोप है कि रोजगार मेले के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई, जिससे युवाओं में निराशा है।

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