ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध खनिज परिवहन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 05 अभियुक्त गिरफ्तार,

 


फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध खनिज परिवहन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 05 अभियुक्त गिरफ्तार,

 


लैपटॉप, प्रिंटर एवं सिक्योरिटी पेपर बरामद, 03 वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी


सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में अवैध खनन एवं अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा राबर्ट्संगज, खनन निरीक्षक अतुल दूबे एवं प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार सिंह एसओजी टीम सोनभद्र के नेतृत्व में रॉबर्ट्सगंज पुलिस को विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना पर वाहन चालक दिलीप प्रजापति को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय, मोहन उर्फ अजय कुमार तथा AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी के संचालक सुरेश कुमार पाठक एवं उनके कर्मचारियों के साथ मिलकर पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 में वाहन संख्या, दिनांक एवं समय आदि में परिवर्तन कर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे तथा उन्हीं के माध्यम से गिट्टी का अवैध परिवहन कराया जाता था।

 


 अभियुक्त दिलीप प्रजापति की निशानदेही पर AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी स्थित कार्यालय पर दबिश दी गई, जहाँ से अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, मोहन उर्फ अजय कुमार एवं संतोष कुमार जायसवाल को आज समय लगभग 08:55 बजे गिरफ्तार किया गया। मौके से फर्जी परमिट तैयार करने में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। अभियुक्तों के विरुद्ध थाना रॉबर्ट्सगंज ने मु0अ0सं0-526/2026 धारा-303(2), 317(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2)(क) बीएनएस व 4/21 खान व खनिज अधि0 एवं 3 सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा कार्यवाही के क्रम में 1.फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 तैयार करने में प्रयुक्त एक अदद Dell कम्पनी का लैपटॉप।

2.एक अदद HP LaserJet Pro प्रिंटर।

3.सिक्योरिटी पेपर के 03 बण्डलों में कुल 748 सेट (अप्रयुक्त)।

4.17 बण्डलों में लगभग 1000 प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 (प्रथम प्रतियां) जिनका उपयोग फर्जी परमिट तैयार करने में किया जाता था।

5.फर्जी परमिट निर्माण एवं अवैध खनिज परिवहन से संबंधित अन्य अभिलेख एवं दस्तावेज बरामद करते हुए गिरफ्तार अभियुक्तो में-1.दिलीप प्रजापति पुत्र गोविन्द प्रजापति, निवासी ग्राम बोझ, थाना नौगढ़, जनपद चन्दौली। (चालक), 2.अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी पुत्र राधेश्याम त्रिपाठी, निवासी ग्राम भदावर, थाना जमालपुर, जनपद मिर्जापुर, 3.रितेश कुमार जायसवाल पुत्र विनय कुमार, निवासी कोटा, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र, 4.संतोष कुमार जायसवाल पुत्र उदय शाह, निवासी केतार, थाना केतार, जनपद गढ़वा (झारखण्ड) व 5.मोहन उर्फ अजय कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद, निवासी ग्राम डाला, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए कानून के हवाले किया गया।

वांछित अभियुक्तों में 1.अश्वनी कुमार पटेल पुत्र मनोज सिंह पटेल, निवासी कुरा कला, थाना पन्नूगंज, जनपद सोनभद्र, 2.हिमांशु पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी प्रीत नगर, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र, 3.सुरेश कुमार पाठक पुत्र स्व. कैलाश नाथ पाठक, निवासी भदीवा अमौली, थाना सारनाथ, जनपद वाराणसी (प्रोपराइटर, AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी) को पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार अभियुक्त दिलीप प्रजापति ने बताया कि वह अश्वनी कुमार पटेल के हाइवा वाहन संख्या UP64AT5155 का चालक है। दिनांक 22/23.06.2026 को अश्वनी कुमार पटेल एवं उसके साथियों द्वारा AK इंटरप्राइजेज से पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 प्राप्त कर उनमें कम्प्यूटर के माध्यम से वाहन संख्या, दिनांक, समय एवं अन्य विवरणों में परिवर्तन कराया गया तथा उसी फर्जी परमिट के आधार पर विंध्याचल स्टोन, बिल्ली मारकुंडी से गिट्टी लोड कराकर उसे परिवहन हेतु दिया गया। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि उसे प्रति चक्कर के एवज में ₹5,000/- देने का लालच दिया गया था, जिसके कारण उसने जानबूझकर फर्जी परमिट का प्रयोग करते हुए वाहन का संचालन किया।

          अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय एवं मोहन उर्फ अजय कुमार खनन क्षेत्र से समन्वय स्थापित कर गिट्टी लोड कराने, परिवहन की व्यवस्था करने तथा वाहन चालकों को निर्देश देने का कार्य करते थे। वहीं AK इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सुरेश कुमार पाठक तथा उसके कर्मचारी अमरनाथ त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल एवं संतोष कुमार जायसवाल पुराने प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 एवं सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराते थे तथा लैपटॉप एवं प्रिंटर की सहायता से उनमें वाहन संख्या, दिनांक, समय एवं अन्य आवश्यक विवरणों में परिवर्तन कर उन्हें वास्तविक परमिट का स्वरूप देकर पुनः उपयोग में लाते थे।

        पूछताछ के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि AK इंटरप्राइजेज का लाइसेंस दिनांक 08.06.2026 तक ही वैध था, किन्तु लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के उपरांत भी उसी के नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर एवं प्रयुक्त परमिटों का दुरुपयोग कर फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 तैयार किए जाते रहे तथा उनके आधार पर अवैध खनिज परिवहन कराया जाता रहा। पूछताछ पूर्ण करने के बाद गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए कानून के हवाले किया गया।गिरफ्तारी एवं बरामदगी के दौरान 1.प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, 2.खनन निरीक्षक अतुल दूबे एवं प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार सिंह एसओजी टीम सोनभद्र, 3.निरीक्षक बनारसी यादव, थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, 4.मुख्य आरक्षी संदीप राय थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, 5.मुख्य आरक्षी विनोद भारती थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, 6.मुख्य आरक्षी अवधेश यादव थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, 7.आरक्षी राजेन्द्र कुमार थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र व 

आरक्षी रमेश कुमार थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र शामिल थे।

Delhi 34 news report journalist by chandra mohan Shukla

Post a Comment

0 Comments