ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट द्वारा "सोनभद्र सावन महोत्सव–2026" का भव्य आयोजन

 


गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट द्वारा "सोनभद्र सावन महोत्सव–2026" का भव्य आयोजन

देश के ख्यातिलब्ध कलाकारों ने बांधा समां


सोनभद्र |भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट के तत्वावधान में "सोनभद्र सावन महोत्सव–2026" का भव्य आयोजन शनिवार, 8 अगस्त को होटल अविनाश, छपका मोड़, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर एवं जनपद के अनेक गणमान्य नागरिकों, संगीत प्रेमियों एवं कला रसिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल ज्ञानपीठ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों सुधांशु जायसवाल, शिवम पाठक, स्वरा, कौशिकी, प्रशस्त मिश्रा, शिवांग पाठक, दिव्या पाठक, आर्या वर्मा, प्रिया एवं अविनाश कुमार द्वारा सरस्वती वंदना, कजरी एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया और पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. सर्वेश कुमार मिश्रा ने अपनी पूज्य माता रेनू मिश्रा को विशिष्ट सम्मान के साथ मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया। यह अवसर उनके लिए अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि माता ही जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनके आशीर्वाद से ही व्यक्ति जीवन में उच्चतम उपलब्धियाँ प्राप्त करता है।

संगीत संध्या में देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित उमानाथ मिश्रा ने अपने गंभीर एवं भावपूर्ण शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुप्रसिद्ध तबला वादक पंडित संतोष पाठक ने अपने अद्भुत तबला वादन की प्रस्तुति देकर संगीत प्रेमियों की भरपूर सराहना प्राप्त की। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान को सम्मानित करते हुए गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट द्वारा उन्हें "ताल शिरोमणि" मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।

विशिष्ट अतिथि कलाकार सुचरिता गुप्ता ने अपनी मधुर एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से वातावरण को संगीतमय बना दिया। वरिष्ठ गायक सुरेन्द्र पाठक के भावपूर्ण गायन तथा विनोद धर द्विवेदी की पारंपरिक कजरी प्रस्तुति ने सावन की सांगीतिक छटा को जीवंत कर दिया। वहीं युवा तबला वादक अनमोल पाठक ने तबला संगत के माध्यम से सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. इन्द्रेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना तथा सोनभद्र को राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत के मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के उच्चस्तरीय सांगीतिक आयोजनों की श्रृंखला निरंतर जारी रहेगी, जिससे जनपद में शास्त्रीय संगीत के प्रति नई चेतना एवं सांस्कृतिक जागरूकता का विस्तार होगा।

कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय मंच संचालन विजय प्रकाश द्विवेदी ने किया। उनकी सहज, ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को एक विशेष गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर राम नरेश मिश्रा, शम्भूनाथ पाठक, उमेश मिश्रा,  रागिनी मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, संगीत प्रेमी एवं सांस्कृतिक जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे सोनभद्र की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बताया।

कार्यक्रम के अंत में गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट की ओर से सभी कलाकारों, अतिथियों, सहयोगियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

Delhi 34 news report journalist by Chandra Mohan Shukla

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