ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत:। क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने की व्यापक व्यवस्थाएं

 


कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने की व्यापक व्यवस्थाएं

घोरावल-शिवद्वार मार्ग पर आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़क मरम्मत एवं लेपन कार्य जारी

सोनभद्र। कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिवद्वार मंदिर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्गों को बनाया जा रहा सुगम

लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा घोरावल मार्ग से शिवद्वार मंदिर तक आने-जाने वाले कांवड़ यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए मार्गों पर गिट्टी डालने एवं लेपन का कार्य कराया जा रहा है। सड़क की स्थिति को बेहतर बनाते हुए श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मंदिर परिसर एवं आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान

जिला पंचायत राज विभाग द्वारा शिवद्वार मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई टीमों के माध्यम से नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।

श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित

नगर पंचायत द्वारा भी मंदिर एवं मेला क्षेत्र के आसपास कांवड़ यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में पूछताछ काउंटर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। श्रद्धालुओं को आवागमन, ठहरने, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जागरूक भी किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मेला अवधि के दौरान व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए।

Delhi 34 news report journalist by Chandra Mohan Shukla

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