ओबरा में गूंजा सामूहिक वंदे मातरम
ओबरा/सोनभद्र। स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नमामि भारतम्अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर विद्यालय के प्रवंधक विमल सिंह की अध्यक्षता में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों, छात्र-छात्राओं, अध्यापकों एवं नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने एक साथ पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य वंशधारी यादव ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में जन-जागरण और राष्ट्रभक्ति का भाव पैदा करना है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के बैनर तले पूरे देश के संबद्ध विद्यालयों में एक ही समय पर यह सामूहिक गायन आयोजित किया गया है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग मातृभूमि के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सके। उन्होंने बंदे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवंबर 1875 को रचित 'वंदे मातरम' अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्ष 1882 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा महामंत्र बना। रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार सामूहिक रूप से गाए जाने के बाद से इसने देशवासियों में स्वाधीनता की अलख जगाई। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा संसद के पटल से पारित व्यवस्था के तहत राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान के समतुल्य गरिमा और सम्मान देने के क्रम में देशभर में ऐसे सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विद्यालय प्रवंधक बिमल सिंह, राजकीय इंटरमीडिएट काले ओबरा की प्रधानाचार्या अलका वर्मा, धुरंधर शर्मा, बृजेश पांडे, नीरज भाटिया, विशाल गुप्ता, राजकुमार संघर्षी, ओम नारायण चौरसिया, गीतांजलि, उषा,रिंकी, मीना एवं ममता सहित पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा।
Delhi 34 News report journalist by Chandra Mohan Shukla
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